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ऐसा मेरे ही साथ होता है, या आपके साथ भी। Chapter 1

      ( देखिए स्वप्न में मेरे साथ क्या क्या होता है, क्या आपके साथ भी होता है, अगर ऐसा होता है तो मुझे बताए और नही होता तो भी बताना प्लीज )          Hiiii....I Am Mr. Sanjay, आप सभी का इस ब्लॉग में स्वागत है। पता नहीं मेरा जो दिमाग है उसमे क्या क्या चलता है। मैं यहां से वहा भाग–दौड़ मे बहोत कुछ सोचता हूं। अभी जो मैं आपको बताने जा रहा हूं, वो मेरे साथ एक बार नही बल्की बार–बार होता है।         अगर आपको कोई स्वप्न आता होगा, तो वह एक ही बार आता होगा, लेकिन वही स्वप्न मुझे दोबारा आता है। ऐसा मेरे साथ क्यू होता है मुझे नहीं पता, लेकिन मजेदार लगता है। और मै बार बार उसी के बारे में सोचते रहता हु। अभी मै अपने एक स्वप्न के बारे मे बताने जा रहा हूं..        होता यू है कि, ‘एक बहुत बड़ा पुराना सा बंगला होता है। ( Haunted Movie मे जो डरावने सीन होते है ना उसी तरह का था। ) उस बंगले मे कोई नही रहता। और मै वहा अकेला ही था, मुझे डर भी लग रहा था। उस बंगले के अंदर मुझे किसी का चीखने–चिल्लाने का आवाज आ रहा था। वह जोरो–जोरो से च...

मुझे आया हुआ स्वप्न......(Mr..Sanjay)

 It's a small dream....         Hiii..….. आप सब का मेरे इस ब्लॉग में स्वागत है। मेरा भाई एक छोटे से कम्पनी में काम करता है, एक दिन वो और मैं उसके कम्पनी में सोने के लिए गए।( उस दिन उस कम्पनी का मालिक बाहर गया था।)        वहा पे जाने के बाद हमने मशीन वगेरे चेक किए जो कि नॉर्मल था।उसके बाद सोने की तयारी करने लगे। करीब रात के 10.30 PM समय हो रहा था। लेकिन मुझे नींद आ रहा था। कम्पनी थोड़ा गरम लग रहा था। और वहा पे मच्छर भी भिनभिना रहे थे, नींद अगर लग भी जाता तो थोड़े देर बाद और जाग जाता। लेकिन नींद नहीं आ रहा था। मैने दूसरी गादी एक साईड में लगाया और वहा पे सोने की कोशिश की लेकिन वहा पे भी नींद नहीं आया।        ऐसे करते करते सुबह के 3.00 AM कब बज गए पता ही नहीं चला। फिर थोड़ी देर बाद मुझे गहरी नींद आ गया। उस दिन रात में आया हुआ स्वप्न मै कभी भूल नहीं सकता, तो वो स्वप्न ये था कि...…          मैं एक गरीब घर का लड़का, शहर में ऑफिस वर्क ये पोजिशन पर जॉब करता था पेमेंट भी कुछ ज्यादा नहीं था, 25,000₹ से जॉब कर...

सिटी हॉस्पिटल में बिताए हुए 30 मिनिट( Mr..Sanjay)

( it's not imagine, it's real. मैंने अपने आंखों से जो देखा, वो मैं आपको बताने जा रहा हूं)                    आज दिन था धूलिवंदन का । आज सब लोग अपने अपने मस्ती में मगन थे । कलर उड़ाते , नाचते , गाते सब मस्ती में झूम रहे थे । उसी दिन पापा के कुछ दोस्त लोग आए थे और शामको उनको जल्दी जाना था , तो पापा ने मना नहीं किया और जानें को हा कह दिया।           करीब 5.30 बजे वे लोग जाने के लिए निकले।   तभी उनके गाड़ी का दूसरे गाड़ी के साथ टकरा कर बहुत  बड़ा एक्सीडेंट हो गया। एक्सीडेंट इतना भयानक था की    दोनो गाड़ी वालो को बहुत लगा। फिर वहा के लोगो ने    उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करवा दिए। जब मैं उन्हे    देखने गया तब समय 8.00PM बज रहे थे। उन्हे बहुत   लगा था, जो दूसरा गाड़ी वाला था उसे तो बहुत लगा था  क्यों की उसने मद्य प्राशन (Drink) किया था और छोटी बच्ची के साथ गलत साईड से आ रहा था।           मैं उनको भर्ती करवा के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन)...